मां सरयू के नाम एक पाती...





जब भी घर जाऊंगा इक काम करके आऊंगा

कुछ उसूलों को मैं सरयू में बहा आऊंगा।

कहते हैं सरयू में श्रीराम ने त्यागा था शरीर

मैं भी उकताए हुए स्वप्न को तज आऊंगा।

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