तुम्हारी याद ज़ेहन से जाती ही नहीं



दर्द भी अब उदास रहता है,

थोड़ा सा बदहवास रहता है।

तुमसे बिछड़े तो आज ये जाना,

आहटों का कयास रहता है।

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