मधुरेंद्र पाण्डे
प्रिय मित्रों

एक अरसे बाद दोबारा अपने पी सी को छू रहा हूं..सो पहला काम ये कि आपसे मुखातिब हो लिया जाए, बीमार था
और कायदे से बीमार था..लिहाजा़ आप सभी से दूर रहा, लेकिन आप सभी की दुआओं ने मुझे स्वस्थ किया और
आज में मैं फिर आपके साथ हूं, मेरी रचनाओं से अपना स्नेह बनाए रखिएगा, यही गुजारिश है

आपका
मधुरेंद्र मोहन