प्रथम मिलन





वह अंतिम अनुभूति हृदय की,

सांस थमी सी लगी समय की,

वह स्पर्श व्याख्या ढूंढे,

उसको ढूंढे गंध मलय की ।

Comments

  1. Anonymous14:13

    wah Madhurendra Ji ...kya baat hai

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