जो साथ छोड़कर भी साथ हैं...



कभी तो आसमां से उतरो भी..

थाम लो फिर से मेरे हाथों को

ज़िंदगी की तमाम मुश्किल में

फिर बचा लो सुनहरे वादों को..

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