मधुरेंद्र पाण्डे


तुम्हारे होने पे छोटी खुशी, बड़ी थी मुझे..

जो तुम नहीं हो तो खुशियों का कोई मायने नहीं..


तुम्हारे चेहरे में मां क्या बला का जादू था...
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