मधुरेंद्र पाण्डे



तुम पूछती हो कौन हूं मैं...

नाम क्या है

शहर क्या है..

गांव क्या है

क्य़ा बताऊं क्या छिपाऊं

राज़ सारे जानती हो

किवाड़ों पर हृदय के

नाम पट्टी है तुम्हारी

तुम्हें मैं क्या बताऊं

कौन हूं मैं.....
0 Responses

Post a Comment